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    आंतरिक शिकायत समिति

    प्रकाशित तिथि: August 8, 2025

    आंतरिक शिकायत समिति

    क्रम सं. सदस्यों का नाम पद
    1 सुश्री अर्चना कुमारी न्यायिक दंडाधिकारी सह सिविल जज (वरीय कोटि) VI
    2 सुश्री श्रुति सोरेन न्यायिक दंडाधिकारी सह सिविल जज (वरीय कोटि) VII
    3 सुश्री एकता सक्सेना न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह अतिरिक्त सिविल जज
    4 सुश्री डेज़ी होरो सहायक
    5 सुश्री विनीति कर्ण सहायक

    धारा 14: झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत और झूठे साक्ष्य के लिए दंड

    1.यदि आंतरिक समिति या स्थानीय समिति, जैसा भी मामला हो, इस निष्कर्ष पर पहुँचती है कि प्रतिवादी के विरुद्ध लगाया गया आरोप दुर्भावनापूर्ण है, या पीड़ित महिला अथवा कोई अन्य व्यक्ति जिसने शिकायत की है, ने जानबूझकर झूठी शिकायत दर्ज की है, या शिकायतकर्ता ने कोई जाली अथवा भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत किया है, तो वह नियोक्ता या जिला अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को सिफारिश कर सकती है कि वह उस महिला या व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करें जिसने उक्त शिकायत की है — यह कार्यवाही धारा 9 की उप-धारा (1) या (2) के अंतर्गत, उस पर लागू सेवा नियमों के अनुसार या जहाँ ऐसे सेवा नियम उपलब्ध नहीं हैं, वहां निर्धारित विधि के अनुसार की जा सकती है।

    परंतु, यदि शिकायत को साबित करने में असमर्थता है या पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका है, तो केवल इस आधार पर इस धारा के अंतर्गत शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता की दुर्भावनापूर्ण मंशा को किसी अनुशंसित कार्यवाही से पहले, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के बाद ही सिद्ध किया जाना चाहिए।

    2. यदि आंतरिक समिति या स्थानीय समिति यह निष्कर्ष निकालती है कि जांच के दौरान किसी गवाह ने झूठा साक्ष्य दिया है या कोई जाली या भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत किया है, तो वह उस गवाह के नियोक्ता या जिला अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को सेवा नियमों के अनुसार अथवा जहाँ सेवा नियम मौजूद नहीं हैं, वहां निर्धारित विधि के अनुसार कार्यवाही करने की सिफारिश कर सकती है।


          कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 देखने के लिए क्लिक करें 👈

    प्रमुख आदेश और निर्णय

    लिंग आधारित रूढ़ियों से निपटने के लिए मार्गदर्शिका (भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा)
    क्रम सं. मामला संख्या पक्षकार का नाम आदेश दिनांक
    1. रिट याचिका (फौजदारी) संख्या 666-670/1992 विशाखा एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य 13.08.1997
    2. रिट याचिका (फौजदारी) संख्या 173-177/1999 मेधा कोटवाल लेले एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य 19.10.2012
    3. रिट याचिका (दीवानी) संख्या 162/2013 सुश्री बिनु तमता एवं अन्य बनाम दिल्ली उच्च न्यायालय एवं अन्य 17.07.2013
    4. याचिका (फौजदारी) संख्या 113/2018 अफशान प्राचा बनाम भारत संघ एवं अन्य 11.05.2018
    5. दीवानी अपील संख्या 2482/2014 ऑरेलियानो फर्नांडीज बनाम गोवा राज्य एवं अन्य 12.05.2023


          कार्यालय आदेश देखने के लिए क्लिक करें – आदेश संख्या 46/प्रशा.I दिनांक 9 मई 2025 👈